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Brahmakumaris Rajkot

Karm ATM_30May_2026

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BK sister shared knowledge on how we can use our 4 different Karm ATM Cards. Also, got everyone to do inspiring activity.

 

Brahmakumaris Rajkot

Adhyatmika Dwara Sanatan Sanskruti ki Raksha_2026

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ब्रह्माकुमारीज़ राजकोट द्वारा ‘दिव्य संत सम्मेलन’ आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न। <br/>”केवल धर्मसत्ता ही विश्व कल्याणकारी और विश्वगुरु बन सकती है”<br/>ब्रह्माकुमारीज़ राजकोट द्वारा शनिवार को भावनगर हाईवे, गढ़का रोड स्थित रिट्रीट सेंटर “हैप्पी विलेज” में एक भव्य एवं दिव्य ‘संत सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि संतों सहित संपूर्ण सौराष्ट्र से पधारे लगभग 300 पूज्य संतों-महंतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक दिव्यता से भर दिया। संस्था के गौरवशाली नवदशकोत्सव (90 वर्ष) के उपलक्ष्य में आयोजित इस विराट कार्यक्रम की मुख्य थीम “आध्यात्मिकता द्वारा सनातन संस्कृति की रक्षा” रखी गई थी। <br/>कर्नाटक से पधारी मुख्य वक्ता राजयोगिनी बी.के. वीणाबेन ने वर्तमान समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “आज का विज्ञान विनाशकारी दिशा में बढ़ रहा है। इसलिए वर्तमान समय में धर्मसत्ता को अधिक शक्तिशाली बनाना अत्यंत आवश्यक है। केवल धर्मसत्ता ही विश्व को सही दिशा दे सकती है और विश्वगुरु बन सकती है।<br/>उन्होंने सिकंदर महान का उदाहरण देते हुए बताया कि संपूर्ण संसार को जीतने वाला सिकंदर भी अंततः खाली हाथ ही गया। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने “मनमनाभव” बनने का संदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि हमें तन, धन या जन में नहीं बल्कि आत्मस्वरूप में स्थित होकर परमात्मा का स्मरण करना चाहिए। विज्ञान, राजसत्ता अथवा अन्य भौतिक शक्तियाँ स्थायी सुख नहीं दे सकतीं, केवल धर्मसत्ता ही विश्व कल्याण का आधार बन सकती है।<br/>गोंडल स्वामीनारायण मंदिर से पधारे पूज्य स्वामी आनंदस्वरूपजी ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हमें सनातन संस्कृति को सुरक्षित रखना है तो संस्कृत भाषा में रचित हमारे अमूल्य धर्मग्रंथों को संरक्षित करना होगा। उन्होंने भाषा एवं धर्मग्रंथों की रक्षा के लिए सभी से आगे आने का आग्रह किया।<br/><br/>राजयोगिनी बी.के. भारतीदीदीजी ने सदैव की भाँति कार्यक्रम की सफलता का श्रेय ‘करावनहार’ निराकार परमात्मा को अर्पित किया।<br/><br/>कार्यक्रम के दौरान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सामाजिक-राजनीतिक अग्रणी वल्लभभाई कथिरिया का विशेष सम्मान किया गया।<br/>विशेष रूप से उपस्थित पूज्य संत-महात्मा<br/>डॉ. रविदर्शनजी महाराज (भुवनेश्वरी शक्तिपीठ, गोंडल)<br/>स्वामी गौरीकांतानंदजी महाराज (रामकृष्ण आश्रम, राजकोट)<br/>स्वामी आनंदस्वरूपजी (स्वामीनारायण मंदिर, गोंडल)<br/>लालजी बापू (प्रेरणाधाम आश्रम, जूनागढ़)<br/>समण श्रुतप्रज्ञजी (पीस ऑफ माइंड फाउंडेशन)<br/>महंत स्वामी अखंड ब्रह्मानंदजी (राजराजेश्वरी आश्रम, नर्मदा)<br/>संत मस्तराम बापू (सीताराम अन्न क्षेत्र, शापर)<br/>संत अश्विन बापू (गादीपति, गायत्री शक्तिपीठ, वांकानेर)<br/>महंतश्री हरेश प्रगट बापू (रांदलना दड़वा)<br/>कथाकार राजेंद्रभाई जोशी<br/>तथा अनेक अन्य संतों एवं महंतों की गरिमामयी उपस्थिति इस दिव्य संत सम्मेलन की विशेषता रही।<br/>कार्यक्रम स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सभी पूज्य संतों का पुष्पहार एवं खेस पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अहमदाबाद से पधारी बी.के. दामिनी बहन ने मधुर एवं भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति देकर आध्यात्मिक वातावरण का सुंदर सृजन किया।<br/><br/>इस पावन अवसर पर सभी संतों-महंतों के करकमलों द्वारा “सनातन संस्कृति की पवित्र दीपज्योति” प्रज्वलित की गई तथा विश्व कल्याण एवं सद्भावना का दिव्य संदेश प्रसारित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया इस भव्य मंच पर ब्रह्माकुमारीज़ गुजरात ज़ोन की निदेशक बी.के. भारतीदीदीजी, मुख्य वक्ता बी.के. वीणाबेन, अयोध्या से पधारे आशुतोष महाराजजी, पीस ऑफ माइंड फाउंडेशन के समण श्रुतप्रज्ञजी सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महंत विराजमान रहे।<br/><br/>कार्यक्रम के अंत में बी.के. कश्यपभाई गढ़िया द्वारा सभी संतों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

Testimonials
अयोध्या धाम से पधारे पूज्य आशुतोष महाराजजी ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के साथ अपने वर्षों पुराने संबंधों का स्मरण करते हुए संस्था की निःस्वार्थ सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से संस्था द्वारा संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य बताया। पीस ऑफ माइंड फाउंडेशन के प्रणेता श्री समण श्रुतप्रज्ञजी ने सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए चार महत्वपूर्ण सूत्र प्रस्तुत किए , जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने हृदय से स्वीकार किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन 20 मिनट ईश्वर-स्मृति एवं ध्यान करने का आह्वान किया। साथ ही संस्कृति की रक्षा हेतु सेवाभाव, एकता तथा धर्मसत्ता को सर्वोपरि बताया।

 

 

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Brahmakumaris Rajkot

Karm ATM_1Jun

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BK sister shared spiritual knowledge on how we can use our 4 different Karm ATM Cards and got everyone aware. Also, got everyone to do inspiring activity.

 

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ભાગવત સપ્તાહ_2026

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બીકે બહેનોએ ભાગવત કથાના કથાકાર નુ સન્માન કર્યું અને શુભેચ્છાઓ પાઠવી. સાથે બધાને મેડિટેશન કરાવ્યું

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